VI sim card की पूरी जानकारी – complete information about VI new sim card ( vodafone idea )

VI sim card की पूरी जानकारी – दोस्तों वोडाफ़ोन और आईडिया अब बन चुके है एक नया ब्रांड जिसका नाम आया है विआई. तो जैसे जिओ एयरटेल है ऐसे vi कॉमन ब्रांड बन चूका है. तो अगर आपके पास वोडाफ़ोन की सिम है या आईडिया की सिम है तो आपके लिए क्या क्या चेंज होने वाला है और आगे जाके टेलीकॉम इंडस्ट्री में क्या कुछ होने वाला है सब कुछ जानेंगे इसी आर्टिकल में तो पोस्ट पूरी पढ़े और जानिए वोडाफ़ोन और आईडिया के इस नए सिम कार्ड के बारे में पूरी इनफार्मेशन तो चलिए शुरू करते है.

VI sim card की पूरी जानकारी - complete information about VI new sim card
VI sim card की पूरी जानकारी – complete information about VI new sim card

VI sim card की पूरी जानकारी

हेल्लो फ्रेंड्स मैं हु ज़मीर और स्वागत है आपका एक बार फिरसे सपोर्ट मेरा ब्लॉग पर. सो फ्रेंड्स वोडाफ़ोन आईडिया जो है स्ट्रगल कर रहा था क्यों की वोडाफ़ोन एक अलग entity चल रही थी आईडिया अलग चल रहा था आईडिया के टावर अलग थे वोडाफ़ोन के टावर्स अलग थे तो ये जो दोनों कंपनी है वोडाफ़ोन आईडिया लिमिटेड के अन्दर मर्ज हो गयी थी 2018 में पर अभी तक इनकी सारी चीज़े अलग चल रही थी.

प्रमोशन भी अलग चल रहे थे इनकी शॉप्स भी अलग थी सिम भी अलग थी सब कुछ अलग था अब सबको मिलाके एक नया ब्रांड बना दिया गया है vi नाम से. तो यहाँ पर अगर आप वोडाफ़ोन की वेबसाइट ओपन करते है इंडिया की तो खुद ब खुद ये MyVI.in पर ले आयेंगे और आपको बताएंगे वोडाफ़ोन आईडिया एक हो चूका है इसी तरह आईडिया की भी वेबसाइट खोलेंगे तो ये भी रीडायरेक्ट हो जाएगी.

तो अगर आज की तारीख में आपके पास वोडाफ़ोन आईडिया के सिम है तो थोड़े दिनों में उसके अन्दर भी लिखा आ जायेगा VI जहा पर लिखा आता है आपके नेटवर्क में आईडिया का है की वोडाफ़ोन का है. उसके बाद जितनी नयी सिम इशू होंगी सब विआई नाम से होगी आपको सारे विज्ञापन भी विआई नाम से देखने मिलेंगे. और आपके पास जो पुरानी सिम है.

पुरानी app आप इस्तेमाल कर रहे हो वो सब हटा के अब आपको vi की app इनस्टॉल करनी पड़ेगी और vi की ही वेबसाइट से आपके सारे प्रीपेड और पोस्टपेड नंबर जो है वो रिचार्ज कर सकते हो.तो घुमा फिरा के ये बोले तो दोनों मर्ज होकर एक नयी कंपनी आ गयी है इंडिया में जिसका नाम दिया गया है vi.

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इनको 2 साल क्यों लग गए? तो देखो जैसे ही जिओ की एंट्री हुई थी उसके बाद वोडाफ़ोन आईडिया धीरे धीरे ख़तम होने लगा था आज भी आप देखोगे तो 40 करोड़ इनके पास यूजर बेस था कम कम होते होते अब 28 करोड़ का ही बचा है. तो इन्होने सब कुछ अच्छी तरीके से सोचा तो था लेकिन बिच में AGR का दंड आ गया था. अब ये AGR क्या है अगर आप जानना चाहते हो तो हमें कमेंट करके बताईये हम इसके बारे में भी आपको पूरी जानकारी देंगे.

तो दोस्तों हर कंपनी को पुराना बहोत सारा बकाया देना था और जो सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया था उसके हिसाब से इनको 1/2 महीने में ही सारा पैसा देना था. तो वोडाफ़ोन आईडिया की बात करे तो इनको 58 हज़ार करोड़ रुपये देना था इनके पास इतने पैसे ही नहीं थे तो जैसे तैसे बहोत सारी सुनवाई चली और फाइनली सुप्रीम कोर्ट ने बोल दिया की भय्या इकठ्ठा पैसा हमको 1/2 महीने में मत दो आपको हम 10 साल का टाइम देते है आप इंस्टालमेंट में दे देना.

तो इनके पास 10 साल का एक तरह से बोल सकते हो टाइम आ गया पैसा जमा करने का तो इस हिसाब से आप देखोगे पर इयर के हिसाब से अगर आप देखोगे तो अभी इन्होने 8 हज़ार करोड़ दे चुके है 50 हज़ार करोड़ और देना तो 10 साल के हिसाब से देखे तो हर साल 5 हज़ार करोड़ रुपये देते रहेंगे. तो इस हिसाब से इनको एक लाइफलाइन मिल गयी एक ओक्सिजन मिल गया पूरा बिज़नस मॉडल को.

जैसे ही इनको पता चला की पैसा 10 साल में देना है तो इनको ऑक्सीजन मिल गयी है तो अब ये 10 साल कम से कम सर्वाइव कर सकते है जैसे तैसे पैसे इकठ्ठा कर सकते है. और अभी अभी नयी न्यूज़ भी आयी है की वोडाफ़ोन आईडिया के अन्दर अमेज़न और बहार की कंपनी है वो पैसा लगाने तैयार है. वो आपने देखा होगा जिओ के अन्दर फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, किसी भी कंपनी को नही छोड़ा सबने इतना सारा इन्वेस्टमेंट कर दिया की जिओ के पास एक भी रुपये का लोन नहीं है.

VI sim card की पूरी जानकारी

वो जो भी पैसे उसके पास है सबकुछ उसके खुदके है उसको किसी को लोन नहीं चुकाना है. अब वोडाफ़ोन आईडिया की बात करे तो 1 लाख करोड़ रुपये का इनके पास क़र्ज़ है उसमे से भी 50 हज़ार करोड़ तो अलग से देना है गवर्नमेंट को. तो इनके पास बहोत दिक्कत है पैसे की लेकिन अब ये मर्ज करने के बाद अब ये इन्वेस्टमेंट लायेंगे तो अमेज़न ने बोला है की हम इसमें पैसा लगायेंगे सारी चीज़े करेंगे तो जैसे जिओ jiomart, कर रहा है vol mart जो है वो भी कही ना कही अमेज़न से टक्कर कर रहा है.

तो हो सकता है अमेज़न आगे जाके वोडाफ़ोन आईडिया का नेटवर्क इस्तेमाल करके अपनी सारी सर्विसेस प्रमोट करे. तो एक तरह से बोल सकते हो सारी कंपनी अलग अलग ऑपरेटर को पकड़ के अपना अपन काम कर रही है. अब भाई ये user perspective से देखे तो आज की तारीख में इंडिया में सिर्फ 3 ही कंपनी बची है. पहेली तो है vi दूसरी है jio तीसरी है airtel तो जिओ आपको पता ही है भर भर के इन्वेस्टमेंट ला रहा है.

वो अलग ही एक इको सिस्टम में जा रहा है वो बोलना चाह रहा है की हमारे ही app इस्तेमाल करो हमारे ही app पर चैट करो हमारे ही app पर विडियो कॉल करो हमारे ही app से शौपिंग करो सब कुछ हमारा होना चाहिए नेटवर्क से लेके इन्टरनेट तक इन्टरनेट से app तक app से फ़ोन तक सबकुछ पुरे घरके अन्दर जितनी चीज़े हो वो जिओ की ही हो मतलब एक तरह से बोल सकते हो विज़न के हिसाब से चल रहा है.

वो एक इको सिस्टम बनाना चाह रहा है की आपका स्मार्ट घर हो तो हमारे ही नेटवर्क को सब कुछ हमारा ही हो. और वोडाफ़ोन आईडिया जो है और एयरटेल जो है ये आपस में जिओ से भी टक्कर ही कर रहे है क्यों की इनके पास बहोत सारी चीज़े आ चुकी है और जिओ की सबसे अच्छी बात ये है की इसका बेस जो बिलकुल कोर चीज़ है वो इसका इन्टरनेट है क्यों इन्टरनेट के ऊपर ही ये सारे चीज़े चलेगी.

कल को आप बोलो whatsapp facebook चलाना है तो भाई चलाओगे तो किसी ना किसि इन्टरनेट पर ही ना. तो जिओ तो पहेले से ही इन्टरनेट कंपनी बना बैठा है तो इन्टरनेट कंपनी बन्ने के बाद इसकी खुदकी my jio की जो app है वो 100 मिलियन से ज्यादा उसके इनस्टॉल है. कल को अगर जिओ कोई एक नयी app लॉन्च करे और वो जो 100 मिलियन लोगो ने my jio app लगाके रखी है.

सबको बस एक push notifications ही भेज दे या app खोलते से एक notification हि भेज दे की भाई मेरी एक नयी app आ गयी jio mart आ गयी jio health आ गयी कुछ भी आ गयी तो automatically इतनी सारी audience है नेट भी उसी का इस्तेमाल कर रही है तो घूम फिरके सारे चीज़े इनकी खुदकी है.

तो जिओ उसी विज़न पर चल रहा हैं और वोडाफ़ोन आईडिया थोडा सर्वाइव कर रहा था अब दोनों के मर्जर के बाद अब ये advertisement भी vi के नाम से करेगा सब कुछ अब विआई के नाम से होगा. अब यहाँ पर आप लोग बोलोगे की भाई सिर्फ 3 कंपनी थोड़ी है और भी तो कंपनी है तो हां माना की भाई bsnl, mtnl, भी है बट ये है नहीं है ये इन लोगो को क्या फर्क पड़ता है क्यों की अगर आपके घर पर नेटवर्क आता है तब तक तो ठीक है इसमें कोई innovations नहीं आ रहे है.

ये एक तरीके से सरकारी कंपनी बनके ख़तम हो जाएगी रुकी हुई है अब बंद तो नहीं होगी क्यों की जितने भी पीओ में ओफ्फिसेस है जितने भी सरकारी ओफ्फिसेस है सबमे इन्टरनेट जो है वो बीएसएनएल का ही चलता है सिम वो bsnl की ही इस्तेमाल करते है.

क्यों की सरकार अपना सारा डाटा जो है वो प्राइवेट कंपनी के इन्टरनेट से थोड़ी एक्सेस करेगी इसी लिए ये बची हुई है लकिन add the and user हम बोले तो हमको वो सर्विसेस ये लोग प्रोवाइड नहीं कर पाएंगे जो हमको सर्विसेस ये प्राइवेट कम्पनीज देंगी.

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तो घुमा फिरा के 3 ही कंपनी बची है इंडिया में और वैसे आप कौनसी कंपनी चलाते हो और आप अगर वोडाफ़ोन आईडिया वाले हो तो क्या vi में थोड़े दिन रुके रहोगे क्यों की अगर आपके पास नेटवर्क नहीं आ रहा है सर्विस नहीं आ रही तो अब जो इन्होने मर्ज करा है अब ये जो इन्वेस्टमेंट्स लायेंगे उससे हो सकता है ये सर्विसेज और अच्छी करे और एक competitor बने. तो ये 3 कंपनी आपस में अब कम्पीट करेगी.

हमको बिच में लग रहा था की अब जिओ आ गया है जिओ ने पहेले फ्री बोला फिर पैसे बढ़ाये फिर 6 पैसे और बड़ा दिए 1 मिनट के तो मतलब अब बिलकुल मोनोपोली हो गयी लेकिन अब वोडाफ़ोन आईडिया मिलके वापिस से competition क्रिएट कर सकता है अगर इसके पास इन्वेस्टमेंट आ जाये जो की लग रहा है की बाहर की कम्पनीज से ला सकता है. तो अब देखने वाली बात ये होगी आपस में तीनो कंपनी क्या चीज़े देती है कल को वोडाफ़ोन आईडिया कुछ ऐसी चीज़े देदे की जिओ एयरटेल नही दे पा रहे हो तो घूम फिरके ऑडियंस उसके पास भी जाएगी.

VI sim card की पूरी जानकारी

अब 5G का ज़माना आ रहा है तो जिओ के जितने टावर है वो 5G by default सपोर्टेड है. तो उन्होंने ने जितनी लाइन बिछाई है उनको कुछ नहीं करना है हार्डवेयर सॉफ्टवेर सब कुछ उनका कम्पलीट है 5G के लिए. लेकिन वोडाफ़ोन आईडिया बोलो या एयरटेल बोलो इनको अपना थोडा इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा 5G के हिसाब से. तो अब देखने वाली बात ये होगी की आगे जाके टेलिकॉम इंडस्ट्री में क्या होगा लेकिन हां ये बात ध्यान में रखना आज की तारीख में जितना डाटा हमको मिल रहा है जिस रुपये में वो बहोत ही सस्ता है आगे जाके डाटा के प्राइस इनक्रीस होंगे ही होंगे.

क्यों की हर कंपनी के पास लोन है हर कंपनी को पैसा चुकाना है AGR भरना है और कंपनी के पास रेवेनुए को आज के तारीख में मॉडल नहीं है इसी एयरटेल वाले भी बोल रहे थे 100rs में 1GB देंगे. लेकिन वो ऐसा नहीं है की इन्होने बोल दिया तो देंगे तो इनको भी पता है हमने अगर बोला तो सारे लोग उठ के इन दोनों में शिफ्ट हो जायेंगे तो ये अपने लोग ख़राब नहीं करेंगे जो भी होगा आपस में तीनो कंपनी बैलेंस करके ही करेंगी mutual understanding से ही करेगी.

तो निचे आप कमेंट में ज़रूर बताईये की आप कौनसी सिम उसे करते है और आने वाले दिनों में आप क्या चाह रहे है की डाटा प्राइस इनक्रीस होगा तो क्या आप ब्रॉडबैंड पर शिफ्ट करेंगे क्यों की jio फाइबर जो है वो 30 दिन फ्री ले आया है तो जिओ फाइबर लॉन्च होते टाइम तो बताया गया था की बहोत बड़ी चीज़ है लेकिन बाद में बिलकुल फूसी बम निकला और वापिस से उसमे धीरे धीरे बारूद भरी जा रही है उसका प्रमोशन किया जा रहा है.

तो अब देखते है आगे जाके जब ये लोग 1GB डाटा इतना महेंगा देंगे वहा पर जिओ फाइबर या ब्रॉडबैंड कनेक्शन है वो वापिस बाज़ी मार सकते है क्यों की ब्रॉडबैंड कनेक्शन में इनको spectrum पैसा नहीं देना है. तो आपको ज्यादा स्पीड कम पैसे में ये लोग दे पाएंगे.

तो दोस्तों ये थी vi sim card के बारे में पूरी जानकारी i hop आपको ये आर्टिकल ये जानकारी पसंद आई होगी और आपका क्या कहेना है इस vi सिम कार्ड के बारे में हमें कमेंट करके ज़रूर बताईये.

VI sim card की पूरी जानकारी

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